sharad purnima 2023 date and time ।इस शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का प्रकोप

sharad purnima 2023 : इस वर्ष शरद पूर्णिमा 28 Oct दिन शनिवार को है । “शरदपूर्णिमा”अश्विन माह की पूर्णिमा को कहते है । यह त्यौहार शरत ऋतु के प्रारम्भ को भी दर्शाता है । इस दिन चंद्रमा पूर्ण से दिखाई देता है और पूरी रात चमकता है ।इस वर्ष चंद्र ग्रहण शरद पूर्णिमा को ही पड़ रहा है । इस दिन की हिंदू धर्म में बड़ी ही मान्यता है इस दिन खीर बनाकर चंद्र की रोशिनी में रखने और माता लक्ष्मी का पूजन करने का बड़ा ही महत्त्व है। पूरे वर्ष में सिर्फ़ इसी दिन चंद्रमा सोलह कालाओं से परिपूर्ण होता है ।

शरद पूर्णिमा

चंद्र ग्रहण 2023 इन इंडिया डेट एंड टाइम :

इस वर्ष 2023 में पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण पड़ रहा है चंद्र ग्रहण की अवधि 1 घंटा 16 मिनट की है । शरद पूर्णिमा के दिन चन्द्र ग्रहण रात्रि 01 बजकर 06 मिन से आरम्भ और रात्रि 2 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगा। sutak kab se lagega इसके बारे मे जानते है इस चंद्र ग्रहण का सूतक कल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाएगा । सूतक ग्रहण की समाप्ति तक चलेगा । सूतक के शुरू होने का समय 28 oct को शाय 4 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर ग्रहण समाप्ति तक चलेगा ।

sharad purnima grahan time

ग्रहण अवधि तारीक और समय
चंद्र ग्रहण 01 घंटा 16 मिनट 28 oct, 01:06 am से 02:22 am , मध्यरात्रि

अक्टूबर मे पूर्णिमा कब है 2023 । शरद पूर्णिमा 28 Oct को प्रातः 4 बजकर 17 मिनट से प्रारंभ होकर सुबह 01 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होगी ।

शरद पूर्णिमा का महत्व

हिन्दू धर्म मे इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा और खीर बनाकर चंद्र की रोशीनी के सामने रखने का महत्व है । इस दिन माता लक्ष्मी भू लोक मे आकार भ्रमण करती है और घर घर जाकर यह देखती है कौन जाग रहा है । इस कारण बस लोग इसे कोजागर पूर्णिमा के नाम से भी जानते है । इस दिन सत्यनारायण कथा सुनने का महत्व है

इस वर्ष 2023 मे शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण पड़ने के कारण पूजा पाठ चंद्र ग्रहण के सूतक शुरू होने से पहले कर लेनी चाहिए । चंद्र ग्रहण के सूतक शुरू होने से पहले माता लक्ष्मी को गन्ने के रस से स्नान कराकर और उनकी आरती का गान जरूर करे । ग्रहण समाप्ति के बाद चंद्रमा को अर्घ दे और मंत्रों का जप और दान भी का प्रावधान है । इस दिन गोपी गीत का गान और पाठ करना बड़ा ही महत्व है । गोपी गीत का पाठ करने से भगवान श्याम सुंदर और राधा रानी बड़ा ही खुश होते है ।

2023 की शरद पूर्णिमा के दिन खीर कब बनाए

इस वर्ष चंद्र ग्रहण पड़ने के कारण सूतक लगने से पहले खीर बनाए या चंद ग्रहण पड़ने के बाद खीर बनाकर खुले आसमान के रख कर अगले दिन परिवार मे वितरित कर सकते है । इस दिन रात्री मे अमृत की वर्षा होती है । खीर इस अमृत से महाप्रसाद बन जाता है ।

और पढे

Karwa chauth 2023 date ;सुहागिनें जानें व्रत की तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

FAQ


शरद पूर्णिमा के दिन क्या बनाते हैं?

शरद पूर्णिमा के दिन खीर बनाए । इस वर्ष चंद्र ग्रहण पड़ने के कारण सूतक लगने से पहले खीर बनाए या चंद ग्रहण पड़ने के बाद खीर बनाकर खुले आसमान के रख कर अगले दिन परिवार मे वितरित कर सकते है । इस दिन रात्री मे अमृत की वर्षा होती है । खीर इस अमृत से महाप्रसाद बन जाता है ।


शरद पूर्णिमा पर किस भगवान की पूजा की जाती है?

हिन्दू धर्म मे इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा और सत्यनारायण ब्रत कथा का प्रावधान है । चंद्र ग्रहण के सूतक शुरू होने से पहले माता लक्ष्मी को गन्ने के रस से स्नान कराकर और उनकी आरती का गान जरूर करे । ग्रहण समाप्ति के बाद चंद्रमा को अर्घ दे और मंत्रों का जप और दान भी का प्रावधान है । इस दिन गोपी गीत का गान और पाठ करना बड़ा ही महत्व है । गोपी गीत का पाठ करने से भगवान श्याम सुंदर और राधा रानी बड़ा ही खुश होते है । इस दिन सत्यनारायण कथा सुनने का महत्व है ।


शरद पूर्णिमा के दिन क्या क्या नहीं करना चाहिए?

शरद पूर्णिमा के दिन जीव की हत्या , मांश का सेवन , मदिरा का सेवन निषेध है । इस दिन गोपी गीत का गान और पाठ करना बड़ा ही महत्व है । गोपी गीत का पाठ करने से भगवान श्याम सुंदर और राधा रानी बड़ा ही खुश होते है ।

Leave a Comment