दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे ? लक्षद्वीप पहुँचने से पहले परमिट क्यों है जरूरी ?

इस आर्टिकल में हम आपको दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे ,जाने के लिए कुछ बेहतरीन टिप्स बताने जा रहे है जिसे फॉलो करें आप दिल्ली से बहुत कम खर्च में फैमिली या पार्टनर संग लक्षद्वीप जाकर एंजॉय कर सकते हैं

अरब सागर के तट पर स्थित यह द्वीप खूबसूरती के मामले में विदेशों को भी टक्कर देता हैं। यहां का मौसम सालभर सुहाना रहता हैं।अगर आप प्रकृति प्रेमी है तो आप यहां खुद को प्रकृति के बहुत करीब महसूस करेंगे। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हाल ही में लक्षद्वीप यात्रा पर गए थे।जिस पर मालद्वीप के कुछ सरकारी अधिकारियों की टिप्पणी के बाद से यह चर्चा का विषय बना हुआ हैं।

यहां की फोटो सोशल मीडया पर खूब वायरल भी हुई हैं। जिसके कारण भारतीयों में लक्षद्वीप घूमने की उत्सुकता बड़ी हैं। प्राकृतिक सुंदरता के अलावा यहां की शांति मंत्रमुग्ध कर देने वाली हैं। यहां शांति है तो प्राकृतिक सुंदरता भी हैं, समुंद्र का सुंदर नजारा है, तो एडवेंचर पसंद लोगो के लिए एक्टिविटी भी हैं। अगर आप भी लक्षद्वीप जाना चाहते है तो वहां के पर्यटक स्थलों के बारे में जान लीजिए।

दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे सस्ता और आसान तरीका

अगर आप लक्षद्वीप घूमने का प्लान बना रहे है लेकिन फ्लाइट का टिकट मंहगा पड़ रहा है तो हम आपको बताएंगे कम खर्च में लक्षद्वीप पहुंचने का तरीका …

ट्रेन द्वारा दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे ?

अब हम दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे इसकी चर्चा करेंगे । दिल्ली ही नही बल्की लक्षद्वीप जाने के लिए देश के किसी भी कोने से कोई डायरेक्ट ट्रेन नहीं है।लक्षद्वीप जाने के लिए दिल्ली से कई ट्रेनें चलती है जैसे मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस (12618), हिमसागर एक्सप्रेस, टीवीसी राजधानी, केरला एक्सप्रेस, एवम मिलेनियम एक्सप्रेस शामिल हैं इन ट्रेनों के जरिए आप केरल के एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन पहुंच कर वहा से समुद्र मार्ग या हवाई मार्ग के जरिए आप अपनी मन पसंद जगह लक्षद्वीप पर जा पाएंगे।

एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन से कोच्चि एयरपोर्ट की दूरी 30 किलोमीटर है एयरपोर्ट पहुचने के लिए एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन से टैक्सी लेना होगा । अब कोची एयरपोर्ट से लक्षद्वीप के लिए फ्लाइट ले और अगत्ती एयर पोर्ट पर पहुचे पर पहुँच जाए । अगत्ती से कावारत्ती के लिए नावें उपलब्ध रहती हैं। अगत्ती से कवरत्ती की दूरी 58.1 किलोमीटर है । कवरत्ती लक्षद्वीप की राजधानी है जो लक्षद्वीप का बहुत ही खूबसूरत पर्यटक स्थान है ।

ट्रेन द्वारा दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे , कुल खर्चा

दिल्ली से एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन 985 रुपये
कोची एयरपोर्ट से अगत्ती एयर पोर्ट 9,000 रुपये
अगत्ती एयर पोर्ट से कवरत्ती लक्षद्वीप 2,200 रुपये
कुल खर्च 12,185 रुपये

फ्लाइट द्वारा दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे

अब हम फ्लाइट द्वारा लक्षद्वीप कैसे जाए इसकी जानकारी पढ़ेंगे । अगर आप लक्षद्वीप घूमने का प्लान एक अच्छे बजट के साथ कर रहे है। तो आप दिल्ली से लक्षद्वीप के लिए फ्लाइट बुक कर अगत्ती हवाई अड्डे पर पहुंचते हैं अगत्ती लक्षद्वीप का एक मात्र हवाई अड्डा है। सड़क मार्ग द्वारा दिल्ली से लक्षद्वीप की दूरी 3169 किलोमीटर हैं। दिल्ली से लक्षद्वीप की हवाई दूरी 2060 km हैं।

फ्लाइट द्वारा दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे ,कुल खर्चा

दिल्ली से अगत्ती एयर पोर्ट (सिर्फ एक तरफ का )21,004रुपये
अगत्ती एयर पोर्ट से कवरत्ती लक्षद्वीप 2,200 रुपये
कुल खर्च 23,204 रुपये

दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे और कम पैसे मे कैसे जाएं इस बात को समझना बहुत जरूरी है । यहाँ समझने की बात है की कुल खर्चा आपकी तैयारी पर निर्भर करता है कि आपने कितने दिनों से पहले जाने की तैयारी की है । पहले से तैयारी करने पर ट्रेन और फ्लाइट और भी सस्ती मिल सकते है जिससे आपके बजट मे गिरावट देखने को जरूर मिलेगी।

दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे
दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे

लक्षद्वीप पहुचने से पहले परमिट लेना है जरूरी


कोच्चि पहुँचने पर सबसे पहले आपको लक्षद्वीप जाने का अनुमति लेना होगा
भारत में कुछ ऐसे सुरक्षित या संवेदनशील स्थान हैं जहाँ जाने से पहले प्रशासन से अनुमति लेनी होती है ।
लक्षद्वीप प्रशासन का कार्यालय कोच्चि में विलिंगटन द्वीप क्षेत्र में है। आप यहाँ परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आप यात्रा शुरू करने से पहले भी ऑनलाइन परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन परमिट की वेबसाईट यहाँ क्लिक करे यह हमने समझ लिया है की लक्षद्वीप कैसे जाए और कितना खर्चा आ सकता है सारी जानकारी ARUNSQAURE.COM ने आपके साथ साझा की है ।

लक्षद्वीप की भाषा क्या है ?

लक्षद्वीप के अधिकांश भागों में मलयालम भाषा बोली जाती हैं।जबकि मिनिकॉय द्वीप पर माही/ माहे भाषा बोली जाती हैं।

लक्षद्वीप मे घूमने के आइलैंड

लक्षद्वीप भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश होने के साथ साथ आकर्षित पर्यटक स्थल भी हैं लक्षद्वीप का शाब्दिक अर्थ है ‘लाख द्वीप’ है। लक्षद्वीप में 36 द्वीप है जिनमे से सिर्फ 6 द्वीपों पर देशी पर्यटकों को जाने की अनुमति हैं। जबकि सिर्फ 2 द्वीपों (बंगराम और अगत्ती) पर विदेशी पर्यटकों को जाने की अनुमति हैं।

लक्षद्वीप के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल

कवरत्ति द्वीप

कवरत्ति द्वीप लक्षद्वीप की राजधानी है। यह एक जनगणना शहर हैं। इसके सफेद रेत वाले समुद्र तट और शांत लैगुन इसे लोकप्रिय स्थल बनाते हैं। लक्षद्वीप के खूबसूरत द्वीपों में शामिल कवरत्ती द्वीप यहां का एक रत्न है। कवरत्ति द्वीप 12 अटोल 5 जलमग्न बैंक और 3 प्रवाल भित्तियो के लिए जाना जाता हैं। नारियल के खूबसूरत पेड़ और वाटर स्पोर्ट्स के लिए ये द्वीप पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं।

लक्षद्वीप कैसे जाए
दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे

बांगरम द्वीप :

हिंदमहासागर के नीले पानी में बसा यह एक अनमोल द्वीप है। यह अपनी प्राचीन मूंगा चट्टानों और समुद्री तटों के लिए जाना जाता हैं। बांगरम द्वीप पर आप खूबसूरत मछलियों के साथ साथ स्कूबा ड्राइविंग का भी मजा ले सकते हैं। इसके साथ ही साथ आप यह पर स्विमिंग, वाटर गेमिंग सूर्योदय तथा सूर्यास्त , डॉल्फिन देखने का आनंद ले सकते हैं।

मिनिकोए द्वीप :

कोचीन समुद्री तट से लगभग 400 km दूर अरब सागर में स्तिथ मिनिकय द्वीप बहुत खूबशुरत द्वीप हैं। लक्षद्वीप के प्रमुख द्वीपों में शामिल मिनिकाय द्वीप लक्षद्वीप के प्रमुख आकर्षणों में शामिल पर्यटन स्थल हैं। यह लक्षद्वीप के 36 द्वीपों में शामिल हैं। यह लक्षद्वीप का दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है। यहां पर आपको अरब सागर का नीला पानी , मूंगा चट्टानें ,और आकर्षित सफेद रेत देखने को मिलती है।

अगत्ती द्वीप :

चारो ओर समुद्र से घिरा तथा मध्य में स्तिथ यह द्वीप अपने खूबशूरत बीचों के लिए प्रसिद्ध हैं। लक्षद्वीप के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल अगत्ति द्वीप एक रोमांचक जगह हैं। यह जाकर ऐसा लगता है मानो किसी दूसरी दुनिया में आ गए हो। नारियल और खजूर के पेड़ो के साय से गुजरते हुए अगत्ती के पूर्वी तट की ओर लैगुन के खूबसूरत नज़ारे पर्यटको का स्वागत करते हैं। यहां पर लैगुन और जमीन के बीच में चलने पर लगता हैं जैसे मन हल्का हो गया हो। लक्षद्वीप के द्वीपों में छोटा होने के बाद भी यह अपने साफ पानी , सफेद रेत और बीच के कारण कपल्स का एक पसंदीदा स्थान हैं। यह द्वीप खूबसूरत मूंगा भित्तियो के लिए जाना जाता है। अगत्ती द्वीप अपने स्नार्कलिंग एक्टिविटी के लिए भी जाना जाता हैं।

कल्पेनी द्वीप :

लक्षद्वीप कैसे जाए
दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे

कोएफैनी के भी नाम से जाना जाने वाला कलपेनी द्वीप तीन द्वीपो का एक समूह है। और लक्षद्वीप के सबसे सुंदर क्षेत्रों में एक हैं।लक्षद्वीप के सुंदर द्वीपों में से एक कलपेनी द्वीप एंड्राथ से लगभग 3 km दूर है यह लक्षद्वीप के पर्यटक स्थलों में एक महत्वपूर्ण स्थान हैं। यह द्वीप कोच्चि से 287 km पर स्तिथ हैं ,कवारत्ती के दक्षिण पूर्व में और मिनिकोय के मध्य में स्तिथ हैं। चेरियम, पिटृ, तिलकम द्वीपों से मिलकर कलपेनी द्वीप बनता हैं।कलपेनी द्वीप अपने चारो तरफ खूबसूरत लैगुन के लिए प्रसिद्ध हैं।

यह कयाकिंग, कोनोइंग , नौकायन, इस्कुबा ड्राइविंग, रीफ़ वाकिंग सहित जल खेलो का आनंद लेने के लिए एक शानदार स्थल हैं।

कदमत आइलैंड :

कदमत द्वीप जिसे इलायची द्वीप के उपनाम से भी जाना जाता है। यह एक प्रवाल द्वीप हैं। यह कोच्चि से 407 km दूरी पर दक्षिण में अमीनी द्वीप के बीच और उत्तर में चेतलाट द्वीप के बीच स्तिथ हैं। कदमत को पर्यटकों के लिए अपने झोपड़ियों के साथ रहने के लिए पहचाना जाता हैं। जो समुद्र तटों के नारियल के पेड़ो के बीच स्तिथ हैं। तथा यह द्वीप समुद्री कछुओं और प्रवाल भित्ति के लिए जाना जाता है। यह द्वीप पर्यटको का स्वर्ग हैं। यहां का नैसर्गिक वातावरण सैलानियों को अपनी ओर खींच लेता हैं। यहां के लोगों का महत्वपूर्ण उद्योग पर्यटन बनता जा रहा हैं। नीला आसमान, समुद्र के शानदार रंग इस द्वीप को घूमने लायक बनाते है

अमिंदिवी द्वीप :

लक्षद्वीप के पर्यटक स्थलों में अमिंदिवि बेहद दिलकश द्वीप हैं। अमिंदिवी द्वीप उत्तरी लक्षद्वीप में स्तिथ है और अपने गायन उत्पादों के लिए जाना जाता हैं।सरकारी नियमो की वजह से विदेशी पर्यटकों को यह जाने की अनुमति नहीं दी जाती है।

दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे

अंड्रेटी द्वीप :

यह द्वीप लक्षद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप हैं। लक्षद्वीप का आकर्षण एंड्रेटी द्वीप पर्यटकों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करता हैं। इस द्वीप की सुंदरता और आकर्षण देखने लायक हैं। यहां शाम के समय समुद्र के किनारे वक्त बिताना पर्यटकों को शुकून प्रदान करता हैं। यह द्वीप बौद्ध पुरातात्विक अवशेषों के साथ साथ संत हजरत उबैदुल्लाह के मकबरे के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

पैरासेलिंग लक्षद्वीप :

लक्षद्वीप में सबसे सबसे अधिक रोमांचक गतिविधियों में पैरासेलिंग हैं। परसेलिन में भाप और जेट नौकाओं के द्वारा पानी के ऊपर आसमान में उड़ने का अनुभव करते हैं। इसका आनंद आप लक्षद्वीप के कई स्थानों में ले सकते हैं।

याट क्रूज लक्षद्वीप :

लक्षद्वीप की यात्रा पर आप याट क्रूज का आनंद ले सकते हैं। नीले पानी और खूबसूरत रेत के बीच क्रूज अनुभव आपकी यात्रा को यादगार बना सकता हैं। क्रूज की सवारी पर्यटकों को बार बार लक्षद्वीप आने को मजबूर करती हैं।

प्रकाश स्तंभ लक्षद्वीप :

लक्षद्वीप का प्रसिद्ध लाइट हाउस मिनिकाए द्वीप पर स्तित हैं। लाइट हाउस 300 फिट ऊंचाई पर स्तिथ हैं, जोकि पर्यटकों का आकर्षण केंद्र बना हुआ है। इसका निर्माण 1985 में किया गया था।

मरीन संग्रहालय लक्षद्वीप का खूबसूरत स्थल :

कवरत्ति द्वीप पर स्तिथ मरीन संग्रहालय का मुख्य उद्देश्य समुद्र से संबंधित कलाकृतियों को प्रदर्शित करना हैं। यहां पर समुद्री मक्षलियो और पानी के जानवरो की सबसे अधिक प्रजातियों को देखा जा सकता हैं। अगर आप समुद्री जीवों में रुचि रकते है तो आप के लिए मरीन संग्रहालय एक आदर्श स्थान हो सकता हैं।

लक्षद्वीप के वाटर स्पोर्ट्स :

लक्षद्वीप में प्राकृतिक सुंदरता के साथ आप वहा पर होने वाले वाटर स्पोर्ट्स का भी आनंद ले सकते हैं। लक्षद्वीप पर पानी से संबंधित प्रमुह खेल बनाना बोट राइड, पावर पतंग, पैडल बोटिंग, कयाकिंग, नौकायन, स्विमिंग, सफरिंग, आदि खेल है जिनका सुल्क लगभग 750 रुपये से शुरू होता हैं।

इस लेख मे फ्लाइट द्वारा दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे , ट्रेन द्वारा दिल्ली से लक्षद्वीप कैसे पहुँचे की जानकारी लेखिका ने बड़ी खोज के साथ दी है यह जानकारी आप और अपने मित्र को जरूर भेजे जिससे उनकी यात्रा सुगम बन सके ।

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